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गुरुग्राम में फ़र्ज़ी एप्पल कस्टमर सर्विस का बड़ा खेल बेनकाब, USA के लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार

SM

Sahil Manchanda

Published on Sep 1, 20263 min read

गुरुग्राम में फ़र्ज़ी एप्पल कस्टमर सर्विस का बड़ा खेल बेनकाब, USA के लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम में Fake Apple Customer Care का बड़ा खुलासा! USA के लोगों को वायरस और FTC का डर दिखाकर करोड़ों की ठगी, पुलिस ने 11 साइबर ठगों को दबोचा।
Gurugram- पुलिस ने फर्जी Apple कस्टमर सर्विस बनकर अमेरिका के नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के मुताबिक, आरोपी अमेरिका के नागरिकों को मोबाइल फोन में वायरस या तकनीकी समस्या होने का झांसा देते थे। इसके बाद खुद को Apple कस्टमर सर्विस का कर्मचारी बताकर उनकी समस्या ठीक करने के नाम पर ठगी की जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 2 हेडफोन-माइक, 2 कार, 1 बाइक और 1 स्कूटी बरामद की है।

पुलिस की साइबर अपराध पश्चिम थाना टीम को सूचना मिली थी कि जे ब्लॉक, पालम विहार में बिना अनुमति फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 1 सितंबर 2026 को मौके पर रेड की।रेड के दौरान आरोपी लैपटॉप, मोबाइल फोन और हेडफोन-माइक के जरिए विदेशी नागरिकों से अंग्रेजी भाषा में बातचीत करते हुए मिले।पुलिस के मुताबिक, आरोपी X-Lite Dialler Software और Apple FaceTime के जरिए अमेरिका के नागरिकों से संपर्क करते थे।मौके से पुलिस ने कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है।गिरफ्तार आरोपियों में प्रितपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, मनीष, शाहरुख अंसारी, संजीव पाण्डे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी, वरुण गौतम और नीरज शामिल हैं।पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्रितपाल सिंह कॉल सेंटर में टीम लीडर के तौर पर काम करता था।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने करीब दो से तीन महीने पहले मकान किराये पर लेकर फर्जी कॉल सेंटर शुरू किया था।कॉल सेंटर में प्रत्येक कॉलर को कमीशन के आधार पर रखा गया था, जबकि कॉल सेंटर का संचालन एक अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, ठगी का पूरा तरीका बेहद शातिर था।आरोपी अमेरिका के नागरिकों को Apple कस्टमर सर्विस के नाम पर कॉल करते थे और उन्हें बताते थे कि उनके मोबाइल फोन में वायरस या कोई तकनीकी समस्या है।इसके बाद उन्हें एक वर्चुअल टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने के लिए कहा जाता था।जब पीड़ित कॉल करते थे तो आरोपी खुद को Apple या संबंधित कंपनी का कर्मचारी अथवा प्रतिनिधि बताकर उनसे बातचीत करते थे।इसके बाद उनकी तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर उन्हें लगातार गुमराह किया जाता था

पुलिस के मुताबिक,आरोपी अमेरिका के नागरिकों को Federal Trade Commission यानी FTC का फर्जी पत्र दिखाते थे।फर्जी पत्र के जरिए पीड़ितों में डर पैदा किया जाता था और उन्हें बताया जाता था कि उनके फोन या अकाउंट से जुड़ी समस्या गंभीर है।इसके बाद समस्या का समाधान करने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर उनसे 10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक की रकम ठगी जाती थी।आरोपी ठगी की रकम कॉल सेंटर के मालिक द्वारा उपलब्ध कराए गए विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे।इसके अलावा पीड़ितों से गिफ्ट वाउचर और गिफ्ट कार्ड के नंबर भी हासिल किए जाते थे।

गुरुग्राम पुलिस ने इस फर्जी कॉल सेंटर से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन बरामद किए हैं।पुलिस के कब्जे में 9 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 2 हेडफोन-माइक, 2 कार, 1 बाइक और 1 स्कूटी आए हैं।मामले में साइबर अपराध पश्चिम थाना, गुरुग्राम में BNS की धारा 318(4), 319 और 61(2) तथा IT Act की धारा 43, 66D, 72 और 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर कॉल सेंटर के संचालन, इसके पीछे मौजूद अन्य लोगों, विदेशी बैंक खातों और ठगी की रकम के बारे में जानकारी जुटा रही है।मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
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