मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बाधा डालने वाले 8 लोग गिरफ्तार

गुरुग्राम में CM नायब सिंह सैनी के काफिले को रोकने और VIP सुरक्षा में बाधा डालने के आरोप में 8 लोगो को गिरफ्तार किया गया।
Gurugram- शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अचानक पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी और काफिले का रास्ता रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने VIP सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी ड्यूटी में अवरोध उत्पन्न किया।
मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में गुरुग्राम शहरी कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज डावर और ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष वर्धन यादव को भी आरोपी बनाया गया है, हालांकि दोनों की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
दरअसल, शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुग्राम पहुंचे थे। मुख्यमंत्री को कष्ट निवारण समिति की बैठक और इसके बाद गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। मुख्यमंत्री ने सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी हॉल में कष्ट निवारण समिति की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सेक्टर-56 स्थित गुरुग्राम यूनिवर्सिटी की ओर रवाना हुआ।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही ऑफिसर कॉलोनी की तरफ से आगे बढ़ रहा था, उसी दौरान कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन यादव की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता अचानक सड़क पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने शहर में जलभराव, सीवरेज जाम, खस्ताहाल सड़कों और गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों के अचानक मुख्यमंत्री के काफिले के सामने आ जाने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने और उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी तीखी झड़प हुई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते से हटाकर सड़क के किनारे किया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के मुताबिक, VIP सुरक्षा में गंभीर सेंध लगाने, सरकारी काम में रुकावट डालने और पुलिस ड्यूटी में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में सिविल लाइंस थाने में BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए तत्काल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मानेसर से कांग्रेस की टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ चुके नीरज यादव, पुत्र वीरेंद्र निवासी मानेसर, शिव पुत्र धर्मपाल निवासी घटोला, निखिल पुत्र प्रवीण निवासी भिवानी, अनुज पुत्र देवेंद्र निवासी कन्हई, हरकेश पुत्र बनवारी लाल निवासी फिरोज गांधी कॉलोनी, अमन पुत्र रामभगत निवासी पटौदी चौक, मनोहर नगर राजीव यादव पुत्र रामकिशन निवासी कृष्णा नगर और हरेन्द्र निवासी तावडू शामिल हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन मुख्य रूप से गुरुग्राम की नागरिक समस्याओं को लेकर बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शहर में बारिश के बाद जलभराव, सीवरेज जाम, खराब सड़कों और गुरुग्राम यूनिवर्सिटी से जुड़ी अव्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की। हालांकि पुलिस का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी ड्यूटी में किसी तरह का अवरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता।
गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। पुलिस इस अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी व्यक्ति या समूह को प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने, सार्वजनिक मार्ग और यातायात व्यवस्था बाधित करने या VIP सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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