BreakingLoading breaking news...
Bolta Gurugram Logo
...
Home/Political/विभाजन का दर्द भूलना इतिहास से विश्वासघात: ओम प्रकाश धनखड़

विभाजन का दर्द भूलना इतिहास से विश्वासघात: ओम प्रकाश धनखड़

SM

Sahil Manchanda

Published on Aug 13, 20262 min read

विभाजन का दर्द भूलना इतिहास से विश्वासघात: ओम प्रकाश धनखड़
1947 के विभाजन की त्रासदी और लाखों लोगों के बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। नई पीढ़ी को आजादी की मानवीय कीमत और इतिहास की सच्चाई जाननी जरूरी है।

Gurugram- भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि 1947 का विभाजन केवल देश के भूगोल का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीयों के हृदय पर लगा ऐसा घाव था जिसकी टीस आज भी बाकी है। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के तत्कालीन नेतृत्व की राजनीतिक जल्दबाजी, अदूरदर्शिता और परिस्थितियों को संभालने में विफलता की कीमत लाखों निर्दोष लोगों को अपने प्राण, घर-बार और सम्मान खोकर चुकानी पड़ी।


गुरुग्राम स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को उस काले अध्याय को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमारे बुजुर्गों ने विभाजन के दौरान असंख्य बलिदान दिए। हजारों परिवार बिछड़े, लाखों लोग अपनी पुरखों की जमीन और घर छोड़कर शरणार्थी बने तथा माताओं-बहनों ने ऐसी अमानवीय यातनाएं झेलीं जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना भी कठिन है। विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपनी जड़ों से उखड़कर नई जगहों पर जीवन दोबारा शुरू करना पड़ा।


उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष और विभाजन की त्रासदी में असंख्य ऐसे नायक और सामान्य भारतीय भी थे, जिनके त्याग और बलिदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसके वे अधिकारी थे। दशकों तक देश की नई पीढ़ी के सामने इतिहास का अधूरा पक्ष रखा गया। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि विभाजन की विभीषिका, विस्थापित परिवारों की पीड़ा और अनाम बलिदानियों की अनेक गाथाओं को राष्ट्रीय विमर्श में समुचित स्थान क्यों नहीं मिला।


धनखड़ ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति घृणा पैदा करना नहीं, बल्कि सत्य को याद रखना और उन अनाम लोगों को श्रद्धांजलि देना है जिन्होंने विभाजन की कीमत चुकाई। इतिहास को भूलने वाली पीढ़ियां अक्सर उसकी गलतियों को दोहराने का जोखिम उठाती हैं।


उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन,मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।“15 अगस्त हमारी स्वतंत्रता का गौरव है, तो 14 अगस्त उस स्वतंत्रता के लिए चुकाई गई मानवीय कीमत को याद करने का दिन है। नई पीढ़ी को दोनों का इतिहास जानना चाहिए।”


Tags:GurgaongurugramgurugramnewsBJPbjpgurugramcongressvibhajanvibhishikadiwasomprakashdhankar

More from Political